Sandwich |क्या सच में Madhuram Sandwich हर महीने ₹10 करोड़ कमाता है? वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई सामने आई

Sandwich | Indore का मशहूर Madhuram Sandwich और ₹10 करोड़ की कमाई—हकीकत जानकर चौंक जाएंगे

Viral Video के पीछे की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का मशहूर फूड ब्रांड Madhuram Sandwich इन दिनों सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त चर्चा में बना हुआ है। वजह है एक वायरल वीडियो, जिसे सोशल मीडिया क्रिएटर Harry Uppal ने शेयर किया है। इस वीडियो में haary ने ये दावा किया गया कि Madhuram Sandwich हर महीने करीब ₹10 करोड़ की कमाई करता है। वीडियो वायरल होते ही लोग हैरान रह गए और कई युवाओं ने इसे “instant success” की मिसाल मान लिया। कुछ ने तो ये कहा की ये तो IIT Bombay or दिल्ली के इंजीनियर्स से ज्यादा हैं।

लेकिन इस वायरल दावे की सच्चाई उतनी सीधी नहीं है, जितनी सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही है। आज हम आपको बताएंगे की ये 10 करोड़ वाली बात कितनी सच है और कितनी झूठ।

Madhuram Sandwich की ₹10 करोड़ महीने की कमाई?

 

असल में फूड ब्लॉगर ने अपने वीडियो में बताया गया MADHURAM सैंडविच ₹10 करोड़ का आंकड़ा मुनाफा नहीं, बल्कि कुल बिक्री यानी Revenue को दर्शाता है। यही वो बिंदु है, जहां ज़्यादातर लोग भ्रमित हो जाते हैं। बिज़नेस की दुनिया में Revenue और Profit के बीच में बहुत बड़ा फर्क होता है, जिसे अक्सर वायरल वीडियो या कंटेंट में नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। Madhuram Sandwich आज इंदौर का सिर्फ एक फूड स्टॉल ही नहीं, बल्कि एक बड़ा लोकल ब्रांड बन चुका है। इसके जम्बो सैंडविच, भरपूर मक्खन, खास सॉस और ठंडी कोल्ड कॉफी की वजह से यहां रोज़ हजारों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। शाम के समय तो कई आउटलेट्स पर लंबी कतारें लगना आम बात हैं। इसी लोकप्रियता ने ₹10 करोड़ महीने की कमाई वाले दावे को लोगों के लिए भरोसेमंद बना दिया।

 

हालांकि, फूड बिज़नेस की हकीकत इससे कहीं ज़्यादा जटिल है। अगर Madhuram Sandwich करोड़ों की बिक्री कर रहा है, तो उसके साथ-साथ खर्च भी उतने ही बड़े स्तर पर होता हैं। हर सैंडविच के पीछे ब्रेड, चीज़, मक्खन, सब्ज़ियां, सॉस और अन्य सामग्री की लागत जुड़ी होती है। इतनी बड़ी मात्रा में रोज़ाना कच्चा माल खरीदना अपने आप में लाखों रुपये का खर्च है।  सोशल मीडिया पर बड़े आंकड़े अक्सर व्यूज़ और वीडियो को वायरल के लिए पेश किए जाते हैं। करोड़ों की कमाई सुनकर लोग तुरंत प्रभावित हो जाते हैं, लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि किसी भी सफल बिज़नेस के पीछे बहुत सालों की मेहनत, सही मैनेजमेंट और लगातार खर्च को संभालने की समझ होती है।

वायरल नंबर बनाम ज़मीनी हकीकत: फूड बिज़नेस का असली गणित

इतने बड़े ऑपरेशन को चलाने के लिए बड़ी टीम की जरूरत होती है। किचन स्टाफ से लेकर काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारी, मैनेजमेंट और सपोर्ट स्टाफ — सबकी सैलरी हर महीने जाती है। वहीं, इंदौर की प्राइम लोकेशन पर मौजूद आउटलेट्स का किराया, बिजली बिल , ट्रैफिक और भी अन्य मेंटेनेंस खर्च भी कम नहीं होता। एक और अहम पहलू है टैक्स। GST और अन्य सरकारी शुल्क हर फूड बिज़नेस का बड़ा हिस्सा होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता। पैकेजिंग, टेकअवे बॉक्स और ऑनलाइन ऑर्डर से जुड़े खर्च भी धीरे-धीरे बड़ी रकम बन जाते हैं।

यही वजह है कि ₹10 करोड़ की बिक्री का मतलब यह नहीं होता कि ₹10 करोड़ का मुनाफा भी हो रहा है। फूड इंडस्ट्री में आमतौर पर 10 से 20 प्रतिशत तक का नेट प्रॉफिट मार्जिन माना जाता है। इस हिसाब से अगर किसी महीने ₹10 करोड़ का कारोबार भी हो, तो वास्तविक मुनाफा लगभग ₹2 से ₹3 करोड़ के बीच हो सकता है — जो फिर भी बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वायरल दावे जितना चौंकाने वाला नहीं।

सीख क्या मिलती है?

Madhuram Sandwich की सफलता इसलिए खास है क्योंकि यह रातों-रात नहीं मिली। यह ब्रांड धीरे-धीरे बना, ग्राहकों का भरोसा जीता और अपनी क्वालिटी बनाए रखी। इन्होंने कभी भी अपने क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया हैं।यही वजह है कि आज यह इंदौर के सबसे चर्चित फूड ब्रांड्स में गिना जाता है।  इस वायरल कहानी से सबसे बड़ी सीख यही है कि हर चमकता आंकड़ा पूरी सच्चाई नहीं होता। Madhuram Sandwich सच में एक सफल बिज़नेस है, लेकिन उसकी सफलता का राज ₹10 करोड़ जैसे वायरल नंबर नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, स्मार्ट खर्च और मजबूत ब्रांडिंग है।

 

 

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