13 घंटे रोज़ काम किया, सादा ज़िंदगी और लोहे जैसा अनुशासन — डिलीवरी बॉय ने कमाए ₹1.42 करोड़
Delivery boy success story: चीन से आई यह कहानी आज इंटरनेट पर लोगों को हैरान कर रही है। एक साधारण फूड डिलीवरी राइडर ने बिना किसी शॉर्टकट, बिना किसी लग्ज़री लाइफस्टाइल और बिना छुट्टी के सिर्फ मेहनत और अनुशासन के दम पर कमाए ₹1.42 करोड़ (1.12 मिलियन युआन)। इस प्रेरणादायक शख्स का नाम है झांग शुएछ्यांग (Zhang Xueqiang), उसकी उम्र महज 25 साल।
कर्ज में डूबा युवक, नई शुरुआत का फैसला
साल 2020, COVID-19 के दौरान झांग की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। कोविड के लिए पूरे शहर में लॉकडाउन लग गया जिससे उनकी फ़ुजियान प्रांत के झांगझोउ शहर में उनका छोटे से नाश्ते का बिज़नेस बंद हो गया, जिससे उन पर करीब 50,000 युआन का कर्ज चढ़ गया। जिसके चलते उनकी हालात इतने खराब हो गई थी कि उन्हें अपना शहर छोड़कर शंघाई जाना पड़ा।

कर्ज चुकाने और दोबारा अपने पैर खड़े होने के लिए उन्होंने फूड डिलीवरी राइडर की नौकरी चुनी — एक ऐसा काम, जिसे अक्सर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन ये काम को अगर आप शिद्दत से करो तो ये काम में भी आपको बहुत सारा कमाई हैं।
13 घंटे की शिफ्ट हर दिन, साल में बस 7 ही छुट्टियां
झांग ने खुद बताया कि वह हर दिन करीब 12- 13 घंटे काम करते थे और हफ्ते के सातों दिन डिलीवरी करते थे। उनका दिन सुबह 10:40 बजे शुरू होता और काम खत्म होता अगली रात 12: 30 से 1 बज जाता था। पूरे साल में उन्हें सिर्फ चीनी स्प्रिंग फेस्टिवल के दौरान ही कुछ दिन की छुट्टी लेते थे|
सेहत भी, मेहनत भी — सब पर कंट्रोल
13 घंटे के लंबे काम के बावजूद झांग ने अपनी सेहत से समझौता नहीं किया। वह रोज़ाना 8.5 घंटे की नींद लेते थे ताकि शरीर फिट रहे और काम में कोई कमी न आए।
उनका मानना था कि मेहनत तभी टिकाऊ होती है, जब शरीर साथ दे। साथ ही साथ में वह भरपूर डाइट भी लेते थे।
सादा जीवन, कठोर अनुशासन

झांग ने एक बेहद सरल और अनुशासित जीवनशैली अपनाई। न कोई फालतू खर्च, न महंगे शौक — सिर्फ ज़रूरत की चीज़ें। उनका मानना ऐसा हैं कि दिखावे से कुछ नहीं होता हैं। दिखावा इंसान को बर्बाद कर देती हैं। पहले उन्होंने पूरा कर्ज चुकाया, फिर अपने रोज़मर्रा के खर्च निकाले और बाकी लगभग पूरी कमाई बचत में डालते गए।
3 लाख KM सफर, “ऑर्डर किंग” बना डिलीवरी बॉय
पांच सालों में झांग ने हर महीने औसतन करीब 300 से ज़्यादा ऑर्डर पूरे किए। एक ऑर्डर में करीब 25 – 27 मिनट लगते थे। इस दौरान उन्होंने शंघाई की सड़कों पर अपने मोटरबाइक से उन्होंने करीब 3,25,000 किलोमीटर की दूरी तय की । लगातार तेज़ और भरोसेमंद डिलीवरी की वजह से वह शंघाई और अपने साथियों के बीच “ऑर्डर किंग” और “ग्रेट गॉड” के नाम से जाने लगे थे।
कुल कमाई ₹1.42 करोड़
फूड डिलीवरी राइडर के तौर पर झांग ने पांच साल में कुल मिलाकर करीब 14 लाख युआन, यानी लगभग ₹1.42 करोड़ कमाए। सख्त बचत और अनुशासन के चलते उन्होंने इस रकम का बड़ा हिस्सा सुरक्षित कर लिया।
बिज़नेस की प्लानिंग
चाइनीज सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर करने के बाद झांग को जबरदस्त तारीफ और समर्थन मिला। अब वह एक बार फिर उद्यमिता की राह पर लौट रहे हैं। झांग की योजना है कि वह 8 लाख युआन का निवेश कर शंघाई में दो नाश्ते की दुकानें खोलें। और फिर से अपने पुराने वाले दिन जिए।
क्यों खास है यह कहानी?
झांग शुएछ्यांग की कहानी सिर्फ एक डिलीवरी राइडर की सफलता नहीं है, बल्कि यह उस मानसिकता और हार्डवर्किंग का उदाहरण है जो हालात को दोष देने के बजाय अपने मेहनत और लग्न को हथियार बनाती है। जब ज़्यादातर लोग लंबे काम के घंटे, कम आराम और सीमित आमदनी को बहाना बनाकर हार मान लेते हैं, वहीं झांग ने इन्हीं परिस्थितियों को अपनी ताकत बना लिया। इस कहानी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई शॉर्टकट नहीं, कोई वायरल ट्रिक नहीं और कोई एक रात की सफलता नहीं है। यहां सिर्फ लगातार मेहनत है, रोज़ का अनुशासन है और भविष्य के लिए किया गया त्याग है। 13 घंटे की रोज़ाना ड्यूटी, हफ्ते के सातों दिन काम और साल में गिनी-चुनी छुट्टियां — यह सब दिखाता है कि सफलता अक्सर आराम की कीमत पर आती है।

झांग ने यह भी साबित किया कि ज़्यादा कमाना ही काफी नहीं होता, सही तरीके से बचाना और खर्च पर नियंत्रण रखना ही असली पूंजी है। सादा जीवन अपनाकर उन्होंने हर उस लालच से दूरी बनाई जो मेहनत की कमाई को बर्बाद कर सकता था। यही वजह है कि एक आम नौकरी करते हुए भी वह करोड़ों की बचत कर सके। सबसे अहम बात यह है कि झांग ने अपने सपनों को कभी छोड़ा नहीं। डिलीवरी राइडर की नौकरी उनके लिए मंज़िल नहीं, बल्कि एक सीढ़ी थी। आज वह दोबारा बिज़नेस शुरू करने की तैयारी में हैं, जो यह दिखाता है कि सच्ची मेहनत इंसान को सिर्फ पैसा नहीं देती, बल्कि आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा भी देती है।
यही कारण है कि आज झांग शुएछ्यांग सिर्फ एक डिलीवरी बॉय नहीं हैं, बल्कि उन लाखों युवाओं की उम्मीद बन चुके हैं जो संघर्ष, कर्ज और असफलताओं से जूझ रहे हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो आम इंसान भी असाधारण बन सकता है। हमे इनसे सिख लेने चाहिए और अपने काम में लग्न लगानी चाहिए।